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Mujhe Aisa Lagta hai
देख कर तुम्हे घूँघट में , मुझे ऐसा लगता है क्यूँ चाँद अक्सर आधा दिखता है
देख कर हंसते हुए तुम्हे , मुझे ऐसा लगता है क्यूँ अक्सर , सागर में लहरो का तूफान उठता है
देख कर पास तुमको , मुझे ऐसा लगता है क्यूँ हर आशिक़ शायर बनता है
देख कर आँखो में तेरी , मुझे ऐसा लगता है क्यूँ हर शराब का नशा , कम चड़ता है
छोड़ "प्रवीण " इन बातों को , मुझे ऐसा लगता है क्यूँ मेरा सनम सीने में पत्थर का दिल रखता है ||
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