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musafirdeewana.rediffiland.com/
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Jo Talaas Thi Meri
पूरी ना हो सकी , जो तलाश थी मेरी जिसपे आके रोए तुम , वो लाश थी मेरी
हम बीमार हुए थे , कुछ इस तरह तू ही दर्द मेरा , तू ही दवा थी मेरी
नफ़रत करते रहे तुम मुझे ग़लत समझकर जो ग़लत समझा तुमने ,वो महोब्बत थी मेरी
तुमने तो कोशिश की , मुझे हर वक़्त रुलाने की पर हंसके गम झेलना , आदत थी मेरी
जब निकला था जनाज़ा "प्रवीण" का , तेरे घर के सामने से तुमने समझा , वो बारात थी मेरी ||
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Mujhe Aisa Lagta hai
देख कर तुम्हे घूँघट में , मुझे ऐसा लगता है क्यूँ चाँद अक्सर आधा दिखता है
देख कर हंसते हुए तुम्हे , मुझे ऐसा लगता है क्यूँ अक्सर , सागर में लहरो का तूफान उठता है
देख कर पास तुमको , मुझे ऐसा लगता है क्यूँ हर आशिक़ शायर बनता है
देख कर आँखो में तेरी , मुझे ऐसा लगता है क्यूँ हर शराब का नशा , कम चड़ता है
छोड़ "प्रवीण " इन बातों को , मुझे ऐसा लगता है क्यूँ मेरा सनम सीने में पत्थर का दिल रखता है ||
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