rediff ILAND
Welcome Guest, | Create your own iLand| Sign In  | New User? Get Started
Home
iLand
Blogs
Friends/Contributors
Guestbook  
 
praveen saini
Categories
Poetry
What is an RSS feed?
RSS Feed 
musafirdeewana.rediffiland.com/ 
Recent Posts
 22:29 | 14/Jan/2008 | 7 Comment(s)
Jo Talaas Thi Meri

पूरी ना हो सकी , जो तलाश थी मेरी
जिसपे आके रोए तुम , वो लाश थी मेरी

हम बीमार हुए थे , कुछ इस तरह
तू ही दर्द मेरा , तू ही दवा थी मेरी

नफ़रत करते रहे तुम मुझे ग़लत समझकर
जो ग़लत समझा तुमने ,वो महोब्बत थी मेरी

तुमने तो कोशिश की , मुझे हर वक़्त रुलाने की
पर हंसके गम झेलना , आदत थी मेरी

जब निकला था जनाज़ा "प्रवीण" का , तेरे घर के सामने से
तुमने समझा , वो बारात थी मेरी ||

Permalink 
 22:55 | 8/Jan/2008 | 10 Comment(s)
Mujhe Aisa Lagta hai

देख कर तुम्हे घूँघट में , मुझे ऐसा लगता है
क्यूँ चाँद अक्सर आधा दिखता है

देख कर हंसते हुए तुम्हे , मुझे ऐसा लगता है
क्यूँ अक्सर , सागर में लहरो का तूफान उठता है

देख कर पास तुमको , मुझे ऐसा लगता है
क्यूँ हर आशिक़ शायर बनता है

देख कर आँखो में तेरी , मुझे ऐसा लगता है
क्यूँ हर शराब का नशा , कम चड़ता है

छोड़ "प्रवीण " इन बातों को , मुझे ऐसा लगता है
क्यूँ मेरा सनम सीने में पत्थर का दिल रखता है ||

Permalink